मेरी मोहब्बत बेज़ुबा होती रही 
दिल की धडकने अपना वजूद खोती रही 
कोई नहीं आया मेरे दुःख के करीब 
एक बारिश ही थी जो मेरे साथ रोती रही !!

वादा किया है तो निभाएंगे 
सूरज की किरण बनकर तेरी छत पे आएंगे 
हम है तो जुदाई का गम कैसा 
तेरी हर सुबह को फूलो से सजाएंगे !!

रूठ जाओ कितना भी मना लेंगे 
दूर जाओ कितना भी बुला लेंगे 
दिल तो आखिर दिल है सागर की रेट तो नहीं 
की नाम लिख कर उसपे मिटा देंगे !!

दिल में तुम्हारे अपना नाम छोड़ जाएंगे 
आँखों में एक इंतजार छोड़ जाएंगे 
याद रखना दुढ़ते रहोगे हमे 
प्यार की ऐसी हम कहानी छोड़ जाएंगे !!

तुम हकीकत नहीं हसरत हो 
जो मिले ख़वाब में वही दौलत हो 
किस लिए देखती हो शीशा 
तुम तो खुद से भी ज्यादा खुबसूरत हो !!

आसमान से ऊँचा कोई नहीं 
सागर से गहरा कोई नहीं
यु तो मुझे सभी प्यार करते है 
पर आप से प्यारा कोई नहीं !!