अब हसती है तो कभी रूलती है,
ये ज़िन्दगी भी धात्विक तत्व जाने कीने रंग दीखती है,
जल्दबाजी में भई अंखोन में नामी आ जाति है,
ना जाने ये कैसी यादों में जो दिल में बसती है,
दुआ करे है क्या नाल के के अवसार प्रति,
मेरे दोस्तोन लबोन प्रति सदा मुसकान राहे,
क्योकि उन्की उसकी मुस्कुरहाट हमी ख़ुशी डेलावेयर जाटी है,
फूल बनकर मुसकराना जिंदगी है,
मुस्करा के गम भुलाना ज़िन्दगी है,
मिल्कर लॉग खुशी हो गई है क्या हुआ।)
बीना मिले दोस्त निभाना भी जिंदगी है