फूलों! गर मुरझाना है तो इश्क़ करो!
जीते जी मर जाना है तो इश्क़ करो!
दो तरफा कुछ सोंचा है! तो भोले हो,
इकतरफा साथ निभाना है तो इश्क़ करो!
बिन खाए गर भूखे हो तो अच्छा है,
खा के गर पछताना है तो इश्क़ करो!
प्यार में दुनियाँ पागल पागल दिखती है
गर पागल हो जाना है तो इश्क़ करो!
आह पे तेरे वाह-वाह ही निकलेगी
शायर गर बन जाना है तो इश्क़ करो!
इक दुनियाँ में केवल दलदल दलदल है
उस दुनियाँ में जाना है तो इश्क़ करो!
तुमको गर लगता है हमने किया नहीं
गर हमको समझाना है तो इश्क़ करो!