ग़लती नीम की नहीं
कि वो कड़वा है बल्कि
ख़ुदगर्ज़ी जीभ की है
जिसे मीठा पसंद है.!
मजे की बात
किसी ने हमसे पूछा कि
तुम हर-रोज सुबह "गुड मॉर्निंग", , सुप्रभात वगैरह करके सबको याद करते हो,
तो क्या वो भी तुम्हे याद करते हैं...?
मैने सिम्पली कहाः
मुझे रिश्ता निभाना है, मुकाबला नहीं करना
हम सबके "दिलों" में रहना चाहते हैं,
"दिमाग" में नहीं.!
एक बात याद रखनी चाहिये कि
"दुनियाँ के रेन बसेरे में..
पता नही कितने दिन रहना है.!"
"हो सके तो जीत लो दिलों को...
क्यूंकि बस यही जीवन की जीत है..!!"
इसलिए जीवन के हर पल को,
खुल के जियो, जी भर के जियो,
क्यूंकि ये ज़िन्दगी मिलेगी न दोबारा...!!
ओशो
नेचुरोपैथ कौशल