
मैं एक लड़की हूँ,पूछना चाहती हूं,आप लोगो से,जवाब देना
तरक्की तो बहुत की है मेरे देश ने
सब कुछ मिलता है आज
बस इज्जत ही नही मिलती
सब कुछ मिलता है आज
बस इज्जत ही नही मिलती
खूब चलते है अभियान देश को
और गंगा को स्वच्छ बनाने के
बस इंसान के मन
पर चढ़ी मैल की परत ही नही उतरती
और गंगा को स्वच्छ बनाने के
बस इंसान के मन
पर चढ़ी मैल की परत ही नही उतरती
क्यो नही खोलते शिव जी अपना तीसरा नेत्र
क्यो नहीं कृष्ण जी आकर लाज बचाते
क्यो नहीं कृष्ण जी आकर लाज बचाते
क्यो हवस के भेड़ियों पर मंत्र,और धर्मीक ग्रन्थ असर नही कर पाते
क्यो इज्जत लूटने वाले मौज करते है और लुटने वाला
रोता है,
क्यो हमेशा सीधे इंसान की किस्मत में दुख होता है
रोता है,
क्यो हमेशा सीधे इंसान की किस्मत में दुख होता है
क्यो लाज लुटने पर स्त्री शर्म से पानी पानी होती है
क्यो लाज लूटने वाले को मौत की सज़ा नही होती है
क्यो लाज लूटने वाले को मौत की सज़ा नही होती है
कब तक चलेगा ये हवस का तांडव
कब तक नारी इज्जत गँवायेगी
याद रख भगवन,यदि यही होता रहा
तो कोई नारी तुझ पर फूल नही चढ़ाएगी
कब तक नारी इज्जत गँवायेगी
याद रख भगवन,यदि यही होता रहा
तो कोई नारी तुझ पर फूल नही चढ़ाएगी
मैं नही आउंगी फिर तेरी चौखट पर
गिड़गिड़ाने
छोड़ दिया तेरा यकीं
तू जाने तेरी खुदाई जाने
गिड़गिड़ाने
छोड़ दिया तेरा यकीं
तू जाने तेरी खुदाई जाने
मेरा युद्ध मुझे खुद ही लड़ना है
ऐसे डर डर कर जीने से तो बेहतर
मरना है.....
ऐसे डर डर कर जीने से तो बेहतर
मरना है.....
लोगों को मैंने कहते सुना है...
"चेहरे पे उसके मासूमियत बहोत है,
किसी अप्सरा से वो कम नही है!"
मुहल्ले में,उसकी एक नज़र पाने को,
बच्चों के साथ-साथ बूढ़े भी खड़े हैं!
आज मैं भी तो देखूं,उस बला को,
जिसके लिए मुहल्ले में,
बच्चों के साथ-साथ बूढ़े भी खड़े हैं!
न जाने किस शहर,किस गली में
ठिकाना है उसका!
लोगों में जिसके चर्चे भी ख़ूब है!
"चेहरे पे उसके मासूमियत बहोत है,
किसी अप्सरा से वो कम नही है!"
मुहल्ले में,उसकी एक नज़र पाने को,
बच्चों के साथ-साथ बूढ़े भी खड़े हैं!
आज मैं भी तो देखूं,उस बला को,
जिसके लिए मुहल्ले में,
बच्चों के साथ-साथ बूढ़े भी खड़े हैं!
न जाने किस शहर,किस गली में
ठिकाना है उसका!
लोगों में जिसके चर्चे भी ख़ूब है!

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