विश्व एड्स दिवस जन मानस में इस चीज़ की जागरूकता
फैलाने का दिन हैं की किसी ने छूने, छींकने, एक शौच इस्तेमाल करने, एक साथ खाना खाने या अन्य ऐसी चीजों से एड्स नहीं फैलता.एड्स केवल खून के संक्रमण से फैलता हैं. यदि कोई एड्स के मरीज की सुई किसी दुसरे व्यक्ति को लगा दी जाती हैं तब एड्स फैलता हैं. एक से अधिक
यौन संबंध बनाने से एड्स फैलता हैं. काफ़ी है इतना ही की एड्स से बहुतो की जिंदगी हार गई हाथ बढ़ाए उन्हे उपेक्षित जीवन जीने से बचाए..इंसान हमेशा वो बन जाता है जो वो होने में वो यकीन करता है. अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं इस चीज को नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच में वो करने में असमर्थ हो जाऊं. और इसके विपरीत अगर मैं
यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा ही लूँगा, फिर भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो.काम मे और काम के बाद, सदा सुरक्षा रहे आपके साथ.आप मुझे बेडियों से जकड़ सकते हैं, यातना भी दे सकते हैं,यहाँ तक की आप इस
शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप कदापि मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते.एड्स दिवस पर खाओ कसम, सुरक्षित बनाएँ यौन संबंध किसी की मेहरबानी माँगाना, अपनी आजादी बेचना
है.जो सुरक्षा से दोस्ती तोडेगा, वह एक दिन दुनिया भी छोडेगा.आप कभी भी यह नहीं समझ सकेंगे की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है
जब तक की आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देंगे.है सुरक्षा में अपनी भलाई, जो है जीवन की कमाई.कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है.सतर्क रहे, सुरक्षित रहे.विश्व में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इतने
भूखे हैं कि भगवान् उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता, सिवाय रोटी देने वाले के रूप में.सुरक्षा से काम कीजिये, सुरक्षित जीवन का आनंद उठाइये.हर दिन सुरक्षा दिन, सुरक्षा को अवकाश नहीं.आपकी सुरक्षा, आपके परिवार की सुरक्षा.





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